क्यों हर रोज शाम हो जाती है

क्यों हर रोज शाम हो जाती है.

कितनी मेहनत कर हर मौसम में
जाग ही जाता है कैसे भी क्यों न हो
धरती का भाग्य !
और हम इंतजार करते हैं
उस पल का जब आएगी हमारी बारी
पर
आः!
इंतजार में ही जिंदगी
तमाम हो जाती है.

क्यों हर रोज शाम हो जाती है.

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  1. Gurpreet Singh 19/12/2015

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