समय बड़ा बलवान

भ्रम जाल में उलझ गया सीधा सा इंसान.
सूर्य ग्रहण कटु सत्य है, समय बड़ा बलवान.

टूट-टूट कर आदमी,रहा जरा सा जोड़.
रेशम-कीट बुनता रहा मृत्यु का सामान.

हरिश्चंद्र राजा बिका, बिका एक इंसान.
अब राजा, राजा रहे, बिके भले ईमान.

स्याह रात में जिसका रोशन रहा चिराग.
‘हिंदुस्तान’ ये कह रहा, है वो हिंदुस्तान.
गंगा धर शर्मा ‘हिंदुस्तान’

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  1. Shishir "Madhukar" Shishir 02/12/2015

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