“खामोश” डॉ. मोबीन ख़ान

क्यू ख़ामोश है ये ज़माना,
किसी को तो सच का साथ देना पड़ेगा।

चंद लोगों ने खींच दी है एक लकीर,
हमारे साथ आओ, हमें ही ये लकीर मिटाना पड़ेगा।

6 Comments

  1. asma khan asma khan 01/12/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 01/12/2015
  2. Rinki Raut Rinki Raut 01/12/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 01/12/2015
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 01/12/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 01/12/2015

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