तिरंगा

मेरी इज्जत , मेरी शोहरत , मेरी दौलत तिरंगा है |
बहे जो देश की खातिर ,लहू हर बूँद गंगा है |

मेरा गौरव है तुझसे माँ ,
तेरा अभिमान मुझसे है |
मेरी पहचान तुझसे है ,
तेरा एहसान मुझपे है ||

वतन भी खूब देखे है ,
नज़ारे खूब देखे है |
ध्वजाएं खूब देखी हैं ,
सितारे खूब देखे है ||

तिरंगा है अलग दिखता ,
कहीं भी हो खड़ा चाहे |
हिमालय पर विराजे हो ,
भले सागर किनारे हो ||

बसंती रंग बलिदानी ,
सफेदी शांति का साखी |
हरा खुशियों का परिचय है ,
दिवाली , ईद , वैशाखी ||

धर्म चक्र है शिव त्रिनेत्र सा ,
आत्मज्ञान के दीपक जैसा |
विश्व शांति की अमर पताका ,
तुमसे गर्वित भारत देशा |
तुमसे गर्वित भारत देशा ||

4 Comments

  1. asma khan asma khan 30/11/2015
    • sushil sushil 30/11/2015
      • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/11/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/11/2015

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