प्रेम: जीव विज्ञान की प्रयोगशाला

दिल में मेरे तुम्हारे प्यार की कैंची चली है
तुम्हारे नाम पर हमने कवर स्लिप रखी है,
आओ मेरे प्यार की स्लाईड में समा जाओं
दिल में अपने प्यार की ड्राप तो डाल जाओ,
मेरे अरमानों पर तुम यूं छुरी न चलाओ
मेरे दिल पर निडिल से छेद न बनाओ,
आओ अपने प्यार को सैफ्रीन से सजाये
दिल को एक दूजे के फास्टग्रीन से महकाये,
मेरे ख्वाबों को तुम वाश ग्लास में न डुबाओं
एसिड वाटर से प्यार की खूशबू न भगाओ,
आओं अपने प्यार को हम माउण्ट कर दें
प्यार की परमानेन्ट स्लाईड तैयार कर दें,
अपने प्यार को हम माईक्रोस्कोप में बसायें
देखते ही जाये हम आंखों से उसे न हटाये।

………………….. कमल जोशी

One Response

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/11/2015

Leave a Reply