मुसाफिर

हम सब मुसाफिर है जिंदगी की राहो के
हँसते – रोते यंहा तुफानो से टकराना है!
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निकले है पाने को आशाओ के नजराने
मंजिल के बहाने मौत को गले लगाना है !!

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@___डी. के. निवातियाँ ___@

2 Comments

  1. davendra87 davendra87 27/11/2015
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/11/2015

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