“सहिष्णुता और असहिष्णुता”

किसी को सहिष्णुता लगे,
किसी को असहिष्णुता लगे।।

जो बुद्धिजीवी होंगे,
उन्हें ये दोनों बातें गलत लगें।।

ये घर हमसब का है,
ना जाने क्यू लोग अपनी दावेदारी करने लगे।।

अवसरवादी लोगों को एक मुद्दा दे दिया,
मुल्क की तरक़्क़ी से कोई मतलब नहीं, बस बहस करने लगे।।

4 Comments

  1. Bimla Dhillon 26/11/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 26/11/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/11/2015
    • Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 26/11/2015

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