ज़िन्दगी

काबिलियत तब धोखा देती है ,
जब मुझे खुद पर यकीन नहीं होता ,
ज़िन्दगी तो एक अनकही कहानी है ,
यहाँ हर रात काली हर सवेरा रंगीन नहीं होता ||

होसलो से अपने उम्मीद न खोना ,
मेरे हर कर्म का मालिक मेरा मुकद्दर नहीं होता ,
ज़िन्दगी तो हर पल नया मौका देती है ,
एक हार से कोई ऊसर एक जीत से कोई सिकंदर नहीं होता ||

कभी अछ्छाई से अनभिज्ञ न होना ,
बेच उसूलो को किसी का उत्थान नहीं होता
ज़िन्दगी तो सिर्फ मानवता धर्म सिखाती है ,
एक दोष से कोई रावण एक दया से कोई राम नहीं होता ||

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/11/2015
  2. asma khan asma khan 26/11/2015

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