तेरे में, मुझमें, तुझे, यही एक है जाल

तेरे में, मुझमें, तुझे, यही एक है जाल ।
दुई इसी में फंस रहे, राजा अरु कंगाल ।।

राजा अरु कंगाल, दुई दोजख में गेरे ।
जहाँ दुई ना रहे, रहे उसको जब हेरे ।।

गंगादास परकास छिपाया अंधेरे में ।
व्यापक हैं भगवान ब्रह्म मेरे तेरे में ।।

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