“मोबीन”

होश में क्यू आयूं, जब अपनों ने ही गमों की बारिश की है।।
नशे में ही रहने दो मुझे, हो सकता है दर्द का एहसास कम हो मोबीन।।

अब खुद की ख़ूबसूरती पर गुमान कर लेता हूँ।
दिल का अब कोई इतना खूबसूरत है ही नहीं मोबीन, जिस पर मुझे नाज़ हो।।

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  1. asma khan asma khan 24/11/2015

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