आज फिर हर जवान को देश का आव्हान है

आज फिर हर जवान को देश का आव्हान है
हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

जिसका ताज बनकर हिमालय का शीश और ऊँचा होता
उस श्रेष्ठ महासागर को जो देता हिंद की पहचान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

जिसका आँचल सींचे गंगा ब्रह्मपुत्र और सिंधु
थार की मरूभूमि ने टोडे लुटेरों के अरमान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

जिस देश की लिपि भी कहलाती है देव नागरी
आदिकाल से विश्व में ज्ञान फैलाते हमारे वेद पुराण है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

जिस जननी के संतान को माने विश्व महावीर और बुद्ध भगवान
ईसा मुहम्मद से पहले जिसने जग को बताया ईश्वर की पहचान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

मानवता के विकास की साक्षी है ये देव भूमि
मोहन जोदडो हरप्पा की सभ्यता करती सबको हैरान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

सोने की चिड़िया कहते थे, खींचे आए सिकंदर गजनी घोरी
ह्वेन सांग अल बरुनी इब्न बतुता ने गाए जग भर जिसके गुणगान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

सीता राम ने सिखाया है हमें मर्यादा का जीवन
राधाकृष्ण की लीला जग में प्रेम की पराकाष्ठा की पहचान है।

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

मीरा तुलसी ने बताया भक्ति का पथ
कर्म से निरवान का मार्ग बताता गीता का ज्ञान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

संस्कृत बना आधार कंप्यूटर की भाषा का
गणित और विज्ञानं के मूल में हमारे शून्य का ज्ञान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

नानक कबीर रहीम के बोलों से सींची धरती है यह
माँ की गोद से ज्यादा सुरक्षित जहां हर धर्म का मान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

रवींद्र विवेकानंद गांधी ने दिया जग को मूल्यों के नये पैमाने
योग, अरुयुर्वेद, सुश्रत, बोस, भाभा पर हमें सदा से अभिमान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

सैंकड़ों जाति,धर्म, भाषा, रंग जहाँ बसते शान्ति समन्वय संग सम्मान है
बन कर सर्वश्रेष्ठ गणतन्त्र विश्व का, स्थापित किया कीर्तिमान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

मार्को पोलो वास्को डगामा ने दिखाया रास्ता उन फिरंगियों को
लूट लिये सौदागर बनकर,समझे जिन्हें हम महमान हैं।

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

भ्रस्टाचार और आपसी फूट बना कारण गुलामी के
आस्तीन के साँपों ने किया व्यर्थ वीरों का बलिदान है।

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

शहीदों की आहूति दे कर आजादी का अमृत जब मिला
कुंठित स्वार्थ ने टुकड़े किए देश के, बिछी लाशें जैसे श्मशान है

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

द्वेष का रक्तबीज जैसे बोया गया है धर्म के नाम पर
अधर्म की सीमा टूट गई, सस्ते हुए प्राण हैं

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

आजादी के छः दशक बाद भी न उबर सके हैं स्वार्थ भरे मतभेदों से
कृष्ण बने नेता कैसे चीरहरण करते देश की, भोली जनता हैरान है!

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

गिद्धों की नजर फिर लगी है देश पर, मिलकर साथ विकास का टीका लगाना है
देशभक्ति मात्र एक शब्द न रहे लब पर, जब दाव पर देश का अभिमान है।

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

ईंट से ईंट जोड़ फिर नव निर्माण होगा, युवाओं के हाथ आज कमान है।
न बिखरी है न बिखरेगी कभी हमारी संस्कृति, मेरा भारत महान है।।

हर हाल में हमें लौटाना भारत देश की शान है

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