देख मेरे भाई …….

भूल गई जनता वो जंगल का राज
लौट आये फिरसे नितीशे कुमार
देखी यहा सबने जनता कि चतुराई
बाहरी छोड बिहारीसे प्रीत लगाई

देख मेरे भाई …….

करी तो कोशिश बाहरीनेभी क्या खूब
फिरभी न खिल पाया कमल का फुल
यही तो है किस्मत जनताकी हुजूर
गधे न पढ पाये अबभी है घोडे चतुर

देख मेरे भाई …….

युही होगी तस्वीर अबभी मुरझाइसी
या दिखाई देगी विकास कि परछाइसी
कर दि एन.डी.ए.कि जोरदार पिटाई
दल दल कि जो महागटबंधन पार्टी बनाई

देख मेरे भाई …….
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शशिकांत शांडीले (SD), नागपूर
भ्रमणध्वनी – ९९७५९९५४५०
दि.२२/११/२०१५

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 23/11/2015
  2. शशिकांत शांडिले SD 23/11/2015
  3. asma khan asma khan 23/11/2015
  4. शशिकांत शांडिले SD 01/12/2015

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