गीत- बेटियों-शकुंतला तरार

गीत-28-08-2010

भारत की बेटियों (नारियों)
(बेटी बचाओ का सम्पूर्ण प्रतिनिधित्व करता यह गीत)
गीत
उठो हे ——-जागो हे, उठो हे ——-जागो हे
उठो हे जागो ऐ भारत की बेटियों
उठो हे जागो ऐ भारत की बेटियों
समय पुकारता तुम्हें अस्मिता बचाने को
उठो हे
उठो हे जागो ऐ भारत की बेटियों
वक़्त नहीं सोने का अपना चैन खोने का
रूठने मनाने का वक़्त नहीं रोने का
बहुत सो चुके हो तुम बहुत रो चुके हो तुम
अब जो वक़्त आया तूफ़ान साथ लाया है
उठो हे
उठो हे जागो ऐ भारत की बेटियों
अब धरा से आसमान की दूरियों को नाप लें
तूलिका से नित नई कल्पना संवार लें
मचा हुआ है हर तरफ मारकाट शोर है
तो रहन रखी खुशियों को तुम छुड़ा चलो
उठो हे
उठो हे जागो ऐ भारत की बेटियों
धरा-धरा पुकारती, गगन-गगन दुलारती
पवन-पवन संवारती, चमन-चमन निहारती
गंगो-जमन की शान तू हिमाला सी महान तू
तुझसे बची दुनिया में अस्तित्व है ईमान की
उठो हे
उठो हे जागो ऐ भारत की बेटियों

शकुंतला तरार रायपुर (छत्तीसगढ़)

6 Comments

  1. virendra 22/11/2015
    • शकुंतला तरार 23/11/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/11/2015
    • शकुंतला तरार 23/11/2015
  3. asma khan asama khan 22/11/2015
    • शकुंतला तरार 23/11/2015

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