एक कैरिबियाई रात 20 Nov,15

एक रात महासागर किनारे,
प्रसिद्ध चिंचिलाद के द्वारे,
मनोरंजन , सोमरस मे लिप्त,
भीड़ मे हम और हमारे.

मदिरा का अनियंत्रीत पान,
और कुछ भी अधरों से बखान,
कैरिबियाई त्यौहार सा नृत्य,
मित्र का वहां था ध्यान.

अमेरिकन गुड़िया का मन,
न होश , न लिहाज़ और न कोई संतुलन.
कभी कोई कभी कोई,
और एक उसका दुश्मन.

वो गिरने को हुआ रेत पर
यु रात ने बदली करवट
देखा ये कह दिया
“यू टू बिग फॉर हिम ” सरपट

इतने मे सब कांच सा टूटा
सखी का ज्वालामुखी यु फूटा
तितर बितर , सब हुआ वहा से,
और हमारा मित्र भी रूठा.

ये मदिरा क्यों हाथ बढ़ाये,
क्यों ये अपने पीछे आये
नहीं चाहिए इसका साथ .
कह दो जहा जाना इसको जाए.

20151120_225232
.1297721584266_ORIGINAL

Leave a Reply