Tevari तेवरी । मेरा देश महान है ।

तेवरी । छिपा हुआ हैवान है ।

थोथी बातें ज्ञान की ।
बस अपने सम्मान की । सच का नही निसान है ।।

पर निकले है ठूठ के ।
लुट जाते है लूट के । झूठी उनकी शान है ।।

बिना मांस बिन हाड़ का ।
चलता यहा जुगाड़ का । मेरा देश महान है ।।

बचो स्वयं के दाप से ।
दो डग वाले सांप से । डरा हुआ सम्मान है ।।

पिये हवस रस सोम का ।
चादर ओढ़े मोम का । खुद का वो भगवान है ।।

नर पंछी पशु गात है ।
अधम हो रहा खात है । छिपा हुआ हैवान है ।।

दुर्गुण को संहार दे ।
जन जन को तू प्यार दे । दो दिन का मेहमान है ।।

@राम केश मिश्र

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  1. davendra87 davendra87 22/11/2015

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