बच्चे प्यारे

रचना –डॉ उमेश चमोला
पढ़ते लिखते खूब किताबें,
साथ खेलते खेल,
नहीं किसी से हम हैं लड़ते,
रखते सबसे मेल,

आसमान में टिमटिम करते,
जैसे चमके तारे,
वैसे हिलमिल हम बच्चे,
लगते सबको प्यारे,

ज्यों बगिया के फूल बिखेरें
भीनी खुशबु प्यारी,
सद्कर्मो की महक बिखेरे,
बने सुरभित फुलवारी
–डॉ उमेश चमोला

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