मेरी भांजी, मेरी ख़ुशी –पहला जन्मदिन मुबारक हो

“””””””” मेरी भांजी, मेरी ख़ुशी –पहला जन्मदिन मुबारक हो “”””””””
नटखट, नटखट चंचल सी पहेली
हर रोज़ नई करती अठखेली |
ख़ूब सुहानी, ख़ूब सयानी
रचती हर हरकत में है कहानी |
छोटे-छोटे आँखों में बस
भरे शरारत के तरकश |
ख़ूब शरारत आँखों में
दो की गिनती है दांतों में |
पलके मूंदे, पलके खोले
बोली में बस “आ गिया” बोले |

बड़े चाचू की गोदी में
“आई आई कर” कुछ यूँ फरमाए |
अरे मेरे चाचू, ले चलो बाहर
“मीठी”, मीठी सी टॉफी खाए |
चाची जब भी, आए पास
नाक सिकोड़े, हँसे बिंदास |
मंझले चाचू से खूब है यारी
गोद में करती खूब सवारी |
बिन टोपी जो चाचू आए
रो-रो कर उन्हें दूर भगाए |
छोटे चाचू को, जब भी देखे
पास इशारे, से है बुलाए |
जो कोई पूछे चाचू कैसे ?
मुखड़ा अपना टेढ़ा सा बनाये |

दादा-दादी, की है दुलारी
उनके खुशियों की फुलवारी |
दादी का बस, चश्मा खींचे
दादी से लड़, छुपे दादा पीछे |
कुछ संगी साथी भी उसके
जिनके संग “लुंगी डांस” करे हँसके |
मम्मी का सवेरा देख उसी को
पापा के रातों का वो तारा |
जब भी पापा, चुपके से भागे
पापा से लड़, निकाले गुस्सा सारा |
साड़ी जब कभी मम्मी पहने
डर-डर कर बस, लग जाए कहने |
आजा आजा जल्दी आजा
हाथ इशारे के क्या कहने |

अब आती है अपनी बारी
दूर जो रहती है बेचारी |
पर नानी जब कॉल करे
ठुमके ये मारे रिंग पे सारी |
नाना से अब तक ये नटखट
चुप-चुप है, कुछ ना बोली
छोटी थी, नन्ही सी थी
आई थी जब पिछली होली |
टुपुक-टुपुक वो ऐसे बोले
जैसे कोई हो मिट्ठू |
छोटा मामा बस सुनना चाहता
बोले इक बार “आ गिया” बिट्टू |
कोई कहे आरुही, कोई कहे मीठी
सबको भाये मीठी की हँसी |
मुबारक हो, मुबारक हो, मुबारक हो जन्मदिन
“happy b’day khushi,,,,, happy b’day khushi”””””” ||

By Roshan Soni

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/11/2015

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