हे छठ मैया ,

हे छठ मैया ,
मुझको दे दो आशीर्वाद |
खड़ा हूँ तेरे द्वारे पर ,
आस लगाये दर्शन की |
कारज मेरे पूरे कर दो ,
विनती तेरे आसन की |
जीवन मेरा सफल करो माँ,
कर दो दुनिया को आबाद |
हे छठ मैया ,
मुझको दे दो आशीर्वाद |
भक्तों को खुशियां देती हैं ,
झोली उनकी भरती हैं |
एक लोटे के जल में तू ,
स्वयं समाहित होती है |
बन निज भक्तों की रक्षक ,
दूर करो उनका अवसाद |
हे छठ मैया ,
मुझको दे दो आशीर्वाद |
उगते सूरज और डूबते ,
दोनों में सुख देती है |
सभी कष्ट जीवन के तू ,
छठ मैया हर लेती है |
जीवन में जगमग हो मेरे ,
खाकर खरना का परसाद |
हे छठ मैया ,
मुझको दे दो आशीर्वाद |
पान – सुपारी ध्वजा नारियल ,
फल – फूलों को तुम्हें चढ़ाऊँ |
ठेकुओं का भोग लगाकर के ,
माँ सुन्दर गीतों को गाऊँ |
पंकज भक्तों की श्रेणी में ,
बन जाऊं मैं एक अपवाद |
हे छठ मैया ,
मुझको दे दो आशीर्वाद |
आदेश कुमार पंकज

2 Comments

  1. Tribhuvanjha Tribhuvan jha 19/11/2015
    • आदेश कुमार पंकज ADESH KUMAR PANKAJ 22/11/2015

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