मुक्तक

लोग पालते स्वान को , नौकर समझा जाय |
मालिक के पीछे घूमता , फिर भी डंडा खाय |
फिर भी डंडा खाय , चैन से न सोता है |
पंकज करनी पर अपनी , बार – बार वह रोता है |
आदेश कुमार पंकज

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/11/2015

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