ओ प्यारे , बच्चों हमारे|

ओ प्यारे ,
बच्चों हमारे|
आशीष तुमको देता यहीं हूँ ,
लक्ष्य को प्राप्त कर लो,
और चमकें सितारें |
ओ प्यारे ,
बच्चों हमारे|
लगन वह तुम्हारी ,
कभी कम न होवे |
प्रभु तुम सभी को,
विमल बुद्धि देवें |
सभी कार्यं श्रम से ,
पूर्ण होवे तुम्हारें |
ओ प्यारे ,
बच्चों हमारे|
वाणी तुम्हारी,
हर ओर गूंजें |
सफलता तुम्हारी ,
सदा नभ को चूमें |
आशाओं के दीप सदा ही,
जलते रहें तुम्हारें |
ओ प्यारे ,
बच्चों हमारे|
कभी भी पराजय,
तुम्हारी न होवे |
जाओ जहाँ भी,
जयकार होवे |
गर्व से हम भी कहेंगें,
यह तो बच्चें हैं ,
प्यारें हमारें |
ओ प्यारे ,
बच्चों हमारे|
संकल्प लें लें,
हम लोग मिलकर |
श्रम हम सदा ही,
करतें रहेंगें |
पंकज विश्वास,
देता है तुमको |
सफलता चरण,
चूम लेगी तुम्हारें |
ओ प्यारे ,
बच्चों हमारे|
आदेश कुमार पंकज

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/11/2015

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