||नारियल पानी वाला ||

“गली-गली में आज है देखो
आया है वह नारियल पानी वाला
बेच रहा है नारियल पानी
हो मस्त स्वधून में मतवाला ,
लेलो-लेलो नारियल पानी
है बहुत ही यह फायदे वाला
सेहत को बढ़ाने वाला
स्फूर्ति नयी जगाने वाला ,
लेलो-लेलो नारियल पानी
रुपये बीस का एक लो
करता है हर कोई भाव उससे
पर लेता नहीं है कोई भी उससे
आज के नारियल में वो बात कहाँ
कह ऐसे मुंह बिचकाते है
रुपये बीस बहुत लगते है
क्यूंकि ये गरीबों के घर जाते है ,
भूखे-प्यासे धुप में जलते
रोटी को तरसते उन विक्रेताओं से
लेना-देना एक नहीं
बेमतलब ही लगवाते है बोल
बरबश ही उनको चिलवाते है
है देश में एक कारण यह भी
बढ़ावा गरीबी को देने का
छीन गरीबों से उनकी रोटी
बेरोजगारी को चरम पे लाने का ,
पीते है हम जहरीली चीजे
पेप्सी-कोला को ब्रांडेड कहके
भाव ना कभी इनका करते है
क्यों की अमीरों के घर ये जाते है
गरीबों से सौदेबाजी करना
और करना गुलामी अमीरों की
हो गयी है फिदरत आज हमारी
गरीबी की नहीं उन्मूलन हो गरीबों की ||”