‘व्हॉट इज़ द ट्रू लव’ ?

‘व्हॉट इज़ द ट्रू लव’ ?
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अक्सर पूछा जाता है एक प्रश्न ?
वह भी अंग्रेजी में ‘व्हॉट इज़ द ट्रू लव’ ?
अब हम तो ठहरे हिंदुस्तानी ठेठ
‘ट्रू लव’ क्या जाने ? क्या होता है सच्चा प्यार ?
फिर भी एक कोशिश तो कर ही डाली हमने इसे समझने में
टेक्नोलॉजी के इस दौर में दाग ही डाला गूगल पर
अंग्रेजी में यह प्रश्न ‘व्हॉट इज़ द ट्रू लव’ ?
दाद देनी होगी, क्या चीज है गूगल भी?
एक नहीं, सैकड़ो नहीं, हज़ारों हज़ारों की संख्या में
परिभाषा और व्याख्या, ‘ट्रू लव’ की’ पूरे दुनियां से खोजकर
डाल चुके थे गूगल महाशय ने बस ‘मिली सेकेण्ड’ में कम्प्यूटर के पटल पर ?
जिस शब्दों को समझने में हमने पूरी की पूरी
व्यतीत कर डाली थी ज़िन्दगी, वह तो हमारे सामने
कम्प्यूटर के पटल पर चीख चीख कर कह रहा था,
हमें पढ़ो, हमें पढ़ो, हम हैं ‘ट्रू लव’ ? ‘ट्रू लव’ ? ‘ट्रू लव’ ?
जिज्ञासा और भी प्रवल हो चुकी थी मेरी ?
सच्चे प्यार को जानने समझने के लिए ?
बहुत खोज, रिसर्च, अध्ययन के उपरांत अंततः,

‘व्हॉट इज़ द ट्रू लव’……….. ?

“एक अहसास है सच्चा प्यार,
मिश्रण है अनेक भावनाओं का सच्चा प्यार
पारस्परिक स्नेह से लेकर खुशी की ओर तक विस्तारित है सच्चा प्यार।
मज़बूत आकर्षण और निजी जुड़ाव की भावना है सच्चा प्यार ।
कहते हैं कि अगर प्यार है सच्चा, बदल जाती हैं ज़िन्दगी हमारी ।
जूट जाते हैं हम ईश्वरीय प्रेम से, और फिर……………?
एक नया एहसास, एक नया अनुभव, एक नयी अनुभूति …….!
बदल जाती है सोच हमारी, बदलने लगते हैं रिश्ते सारे .!
छंठ जाते हैं मन के धुंध, सारे के सारे…..!
और फिर
करने लगते हैं हम, सच्चा प्यार सभी से, सभी से ………………!
यही है फलसफा, यही है दर्शन, है यही जीवन की सच्ची परिभाषा………..!”

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ललित निरंजन

One Response

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/11/2015

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