“किस्तियां” डॉ. मोबीन ख़ान

समुन्दर में सारी किस्तियां, रोक दो तो क्या हुआ।
हम तो परिन्दे हैं, सात समुन्दर पार कर आएंगे।।

हौंसले बुलंद हैं, उड़ान तो भरेंगे ही हम।
अगर ज़द्दोज़हद हुआ, तो ख्वाहिसों के पर काट कर आएंगे।।

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