भजन

ओ माझी जीवन दिया तुझे सौप
मायजाल में खुब फंसाया ,कभी हंसाया कभी रूलाया
रिश्ते नातों में बंधी है काया ,तू बंधन दे अब खोल
ओ माझी जीवन…………….
ठौर ठिकाने बहुत बनाये ,आज हैं अपने कल हैं पराये
हर एक चीज़ का मोल यहाँ है ,जीवन है अनमोल
ओ माझी जीवन…………….
कठिन ड्गर है इस जीवन की ,लम्बा है रस्ता मन्जिल न कोई
कट जायेगा रस्ता मेरा ,चुप क्यों है कुछ बोल
ओ माझी जीवन…………….
फिर कब होगा आना जाना ,इस नैया को पार लगाना
कैसे चुकाऊंगा ऋण मैं तेरा ,तू ही बता इसका मोल
ओ माझी जीवन……………..
RKV(MUSAFIR)
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