बेपरवाही नहीं, प्रिया मेरी! विश्वास ह्रदय का मेरा है |

बेपरवाही नहीं, प्रिया मेरी! विश्वास ह्रदय का मेरा है |
तुमको सब कुछ सौंप दिया , जो मेरा है सो तेरा है ||
मुक्त हुआ , कुछ फिक्र नहीं |
तू सच है, केवल जिक्र नहीं |
मैं चाहे जहाँ रहूँ लेकिन, तेरे नयन ह्रदय का डेरा है |
बेपरवाही नहीं, प्रिया मेरी! विश्वास ह्रदय का मेरा है ||
मैं सोता, तू जगती है |
धीरज रोज , परखती है |
है बन्द आँख में ख्वाब तेरा, भले नींद ने घेरा है |
बेपरवाही नहीं, प्रिया मेरी! विश्वास ह्रदय का मेरा है ||
तू सोचे , फिर एक बहाना |
मैं कहता, दिल का अफसाना |
होंठ मौन हैं, रहें भले ही, तुम्हें रोम-रोम ने टेरा है |
बेपरवाही नहीं, प्रिया मेरी ! विश्वास ह्रदय का मेरा है ||
जो चाहा, अक्सर नहीं मिला |
सच्चा है, ये सच्चा है गिला |
हर चीज वक़्त के बाद मिले, कुछ किस्मत ही का फेरा है |
बेपरवाही नहीं, प्रिया मेरी ! विश्वास ह्रदय का मेरा है ||
उत्सव दिन, उत्साह विहीन |
उपालंभ, नित्य नवीन |
कैसे हर दिन सेलिब्रेट करूँ, मुझे उत्सव दर्शन तेरा है |
बेपरवाही नहीं, प्रिय मेरी! विश्वास ह्रदय का मेरा है ||
गंगा धर शर्मा ‘हिन्दुस्तान’

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