मुसाफिर का सफर

लह्द पे अब ,गुल चढानें से क्या होगा
सुपुर्दे ए खाक का फैसला तो हमने ही किया था
अब याद ,फरीयाद ,आसूं बहानें से क्या होगा
वक़्त ए रुख्सत जन्नत की दुआ भी मांगी थी
R.K.V.(MUSAFIR)
*****

Leave a Reply