तेरे जीवन में

तेरे जीवन में

तेरे जीवन में सदा
खुषियां ही खुषियां आयें
कांटे तेरे दामन को
भूलकर भी कभी छू न पायंे।
आंधी आये, भूकम्प आये
वो भी तुझसे बचकर निकले
तु अंधेरे में जो जाये
वहां भी एक सवेरा पाये
कांटे तेरे दामन को
भूलकर भी कभी छू न पायंे।
हर तरफ तु जिधर देखे
दिखें खिलें प्रसून तुझे
हर तमन्ना पूरी हो तेरी
मेरे मन की दुआ ये रंग लाये,
कांटे तेरे दामन को
भूलकर भी कभी छू न पायंे।
हर जगह जहां भी कही
रखे अपने मखमली कदम तु
हर जगह पर फूल खिलें
जमीं भी वहां घास बिछाये,
कांटे तेरे दामन को
भूलकर भी कभी छू न पायंे।
-ः0ः-

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