जीवन में

जीवन में

तुम आ जाओ जीवन में
जीवन को सुखी कर दो
उजडे़ हुए सूखे वन को
एक बार हरा कर दो।
महका दो हर कली तुम
सरसाई पानी की लाकर
खुषबु को झोकों में भरके
सांसों तक पहुंचा दो ,
उजडे़ हुए सूखे वन को
एक बार हरा कर दो।
हर सूखी टहनी में
रस का संचार करो तुम
हर तन्तु में पोषक रस भर
फिर से जीवित इसे कर दो,
उजडे़ हुए सूखे वन को
एक बार हरा कर दो।
फुटने लगीं कोंपलें
आंखें अपनी मुंदे हुये
कोमलता ओर मासूमता को
अद्भूत बेजोड़ संयोग कर दो।
उजडे़ हुए सूखे वन को
एक बार हरा कर दो।
-ः0ः-

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