गुरु के श्रीचरणों में शब्दांजलि

(प्रात:स्मर्णीय,पुज्यपाद, गुरुदेव श्री श्री 1008 मौनी बाबा (गुलाब नाथ) के श्रीचरणों में शब्दांजलि)

जब दया करें गुरुदेव तो मन की आंख खुले

• गुरु बिन ज्ञान नहीं होता है कभी कल्याण नहीं होता है
तू सेवा करके देख तो मन की आंख खुले
जब दया करें गुरुदेव…………..
• दुनियॉ मोह माया उलझावे गुरु मुक्ति का मार्ग बतावें
तू ध्यान लगा के देख तो मन की आंख खुले
जब दया करे गुरुदेव……………
• लख चौरासी फिर न पावे भव से बेडा पार लगावे
तू शरण में आ के देख तो मन की आंख खुले
जब दया करे गुरुदेव……………
• गुरु चरणों की महिमा भारी बार बार जाऊं बलिहारी
तू सेवा करके देख तो मन की आंख खुले
जब दया करे गुरुदेव……………
• निगुरा मानुष दर दर भटके, सगुरा मानुष कभी न अटके
दशा दिशा दें फेर तो मन की आंख खुले
जब दया करे गुरुदेव……………
RKV(MUSAFIR)
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