इंतज़ार है ?

( इंतज़ार है ? )
जारी है अब तक सदियों पुरानी वही लडाई `महाभारत ‘
परिवर्तन पीढीयों का है ,पात्र बदल गये है केवल
धृतराष्ट्र को दिखता है अब ,गांधारी वैसे ही बेबस लाचार है
अहंकारी पुत्रों का मोह ,ज़िद पहले जैसा ही बरकरार ,स्वीकार है
सियासत की चौपड पे अब ,शकुनी घोटालो के पासे चलता
अब पांच पांडवों के नहीं ,प्रजा के हक़ हकूक का सवाल है
भीष्म ,द्रोण ,विदुर वचन विवश ,मजबूर ,नमक हलाल है
केशव की महिमा ,बल के कायल सब ,पांडवो से ही प्यार है
द्रोपदी अबला नहीं अब ,पहले से अधिक सक्षम समझदार है
चीरहरण अब बलात्कार हो गया है कुछ परिवर्तन हो गया है
अभिमन्यु चक्रव्यूह में फंस जाता आज भी ,दम तोडता है अंदर ही
अर्जुन असमंजस में ,रथ में लिये खडा धनुष ,तरकश में ही बाण है
हे कृष्णा तू कब आयेगा इंतज़ार है ,इंतज़ार है ,इंतज़ार है
RKV(MUSAFIR)
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