कि मैं झुठ बोलियॉ

• दुनियॉ चाहे कुछ भी बोले ,सच तो सच ही रह्ता है
गोल मोल बातो से ही भइया ,सारा पंगा होता है
कि मैं झुठ बोलियॉ ,कि मैं कुफर घोलियॉ………………
• तू तू मैं मैं मची हुई है ,भोहें सबकी तनीं हुई हैं
आईने से डरते हैं सारे ,आदमी होता नंगा है
कि मैं झुठ बोलियॉ ,कि मैं कुफर घोलियॉ……………….
• पेट भरा हो जेब भरी हो ,फिर भी भूखा रह्ता है
बिगर मलाई का दूध भी ,बिकता साला महंगा है
कि मैं झुठ बोलियॉ ,कि मैं कुफर घोलियॉ…………..
• आंखों वाले अंधे घुमते ,आगे पीछे ऊपर नीचे
धर्म जाती का जोर शोर से ,चलता सबका धंधा है
कि मैं झुठ बोलियॉ ,कि मैं कुफर घोलियॉ……………
RKV(MUSAFIR)
*******

Leave a Reply