तरकीब

खुदा से मिलने तरकीब समझ के आया हूं
खींच दे जो दीवार दिलों के दरमयॉ
वो सब दरिया में बहा कर आया हूं
सूरज, चॉद, सितारों के और
कितने नाम रखने बाकी हैं अभी
मै मै करने वालो से मैं
दोनो हाथ जोड कर आया हूं
R.K.V.(MUSAFIR)
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