गर्दिशे दौर

लड्खडा के गिर जाने को मेरी कमज़ोरी ना समझ
हालात ही कुछ ऐसे हैं के मुझे होश नही
तूफॉ मेरे दिल में उठते हैं शोर मचाते हैं बहुत
गुबार दिल का दिल में है अभी के मुझे होश नहीं
गर्दिशे दौर से गुज़र रहा हूं बद्नाम हूं बहुत
ज़ख्म सारे ताज़ा हैं अभी के मुझे होश नहीं
मेरा साया भी आजकल मुझसे बिछ्ड के चलता है
आइने से टकरा जाता हूं कभी कभी के मुझे होश नही
R.K.V.(MUSAFIR)
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