राह – ए – इश्क

बडा मुश्किल है बताना प्यार का मतलब
ये कब होता है क्यूं होता है किसे है खबर
प्यार पाने कि कोशिश जो कहता है कि मैं करता
अरे नादॉ हर इक सीप में मोती नहीं मिलता
पैमाना देख कर नहीं होता है मय का असर
फूलों में रंग तो दिखते हैं खुशबू नहीं दिखती
लकीरे हाथों में दिखती हैं तक़दीरे नहीं दिखती
मिसाल बन के खडा है आज भी ताजमहल
दिलो के टूट्ने कि आवाज गर होती तो बहुत होती
दुनियॉ में फिर न शोर कोइ इसके सिवा होता
मुबारक हो उन्हे जिंनको मिल गई मंजिल
R.K.V.(MUSAFIR)
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