मुसाफिर का सफर

किसी भी चीज़ का हद से गुज़र जाना अच्छा नहीं होता
पैर चादर के बाहर निकल जाना अच्छा नहीं होता
नज़रों में खटकने वाली चीज़ मुनासिब नहीं होती
गमों को भी समझाता हूं ,रोज़ रोज़ का आना अच्छा नहीं होता
R.K.V.(MUSAFIR)
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