आग्रह

(आग्रह )
देश को मॉ समझता है अगर
तो मॉ की इज्ज़त कर यार
सहिष्णुता धर्मनिर्पेक्षता की आड में
मॉ के कपडे तो न फाड
चिंगारी बुझ सकती है थोडे से पानी से
आग बना कर माहौल न बिगाड
RKV(MUSAFIR)
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2 Comments

  1. asma khan asma khan 15/11/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/11/2015

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