आतंकवाद का मुँह तोड जवाब!

*ऐ आतंकी ऐ गुनाहगार न कर जुल्म बेगुनाहो पर,
माँग अपने गुनाहो की माफी,
न कर जुल्म इन्सानो पर!!

* मासूमो ने बिगाडा है तेरा क्या,
पर फिर भी ले रहा है तू इन मासूमों कि जान!*

*कहते है की काम कर रहे है हम अच्छा जन्नत मिलेगी हमको,
जाओगे तुम जहन्नम मे न मिलेगी तुमको जन्नत!!!

3 Comments

  1. कुशवाह विकास कुशवाह विकास 15/11/2015
    • asma khan asma khan 15/11/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/11/2015

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