“सत्य कि जीत”

अन्याय कि उम्र है छोटी , मिलता सबको न्याय । कभी करते थे जो नफरत ,आज करते है हमसे प्यार। कभी बरसाते थे जो कोङे , अब करते है हमारा दिदार । कभी देते थे जो गाली , आज करते है हमारा सत्कार । जिन महात्मा से थी उनको नफरत , उनकी प्रतीमा उनके सत्ता के द्वार । ये सत्य कि जीत है , ये असत्य कि हार ।

2 Comments

  1. asma khan asma khan 15/11/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/11/2015

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