धनी ओर निर्धन

धनी ओर निर्धन

हीरा तो हीरा है
हीरे जात न पूछो
जात जो पूछनी है तो
पूछो उस पत्थर की
जो टुकड़ों में बंटा पड़ा है।
हीरे को सुन्दर जान कर
यूं ना इसे गले से लगा
एक दिन कभी ऐसा होगा
हीरा कटा देगा गला।
मिलना होगा खाक पत्थरों में,
हड्डियां छिटक ईधर-ऊधर
रूप ले लेंगी पत्थर का
फिर भला किस काम का
जो है वो हीरा तेरा
उससे अच्छा पत्थर है
आएगा कभी काम तेरे
दिवारों में चिन टुकडे़-टुकडे़
देगा सिर को ढांप तेरे
पत्थर की किस्मत बन जाए
ऐसा कोई काम करो।
हीरा तो हीरा है
हीरे जात न पूछो
जात जो पूछनी है तो
पूछो उस पत्थर की
जो टुकड़ों में बंटा पड़ा है।
-ः0ः-

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