प्यार का इंतज़ार

कहते है “सब्र का फल मीठा होता है”,
मगर मिठाई का मैं क्या करूँ?
मुझे तो डायबिटीज़ की बीमारी है I

≈ ≈ ≈ ≈

ढूंड रहा हूँ उस साथी को,
दिखाऊ जिसे दिल का हाल,
देर को चुकी I हाँ, पता है मुझे,
झर चुके अब सर के बाल !

यौवन रस सब सूख चुका हैं,
टूट गये अब दात सारे,
दर्द से भरी रात जागूं,
तडपू बाथ के मारे !

ऐसे में क्या वो आएगी ?
बिताए इंतेज़ार में जिसके,
उम्र के नायाब साल I
हाँ, ढूंड रहा हूँ उस साथी को,
दिखना है इस दिल का हाल !

-पार्थ

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