“कौमियत” डॉ. मोबीन ख़ान

कल तक जो लोग तहज़ीब की बातें करते थे,
आज कौमियत के नाम का झण्डा लहराये बैठे हैं।।

जिन्हें रोज़ी-रोटी की ही हर घड़ी फ़िक्र होती थी,
उन्हीं को मज़हब के नाम पर लड़ाए बैठे हैं।।

2 Comments

  1. नवल पाल प्रभाकर नवल पाल प्रभाकर 10/11/2015
  2. Dr. Mobeen Khan Dr. Mobeen Khan 19/11/2015

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