शुभ दिवाली

शुभ प्रभात, शुभ दिवस की मंगल बेला
घर-घर दीप प्रज्जवलित करती सुन्दर बाला

हर्ष उल्लास की छटा अदुतिया फैलाती खुशहाली
जगमग करते दीपों से रोशन हुई निशा काली

सुन्दर तोरण द्धार सजे और आँगन रंगोली
हाथों में मिष्ठान उपहार और मधुर हुई बोली

सुन्दर सुन्दर वस्त्रों से सुशोभित हर नर और नारी
मनमोहक पुष्पों से महकी उपवन की हर क्वारी

भीनी -भीनी खुश्बू से महकता घर का कोना कोना
प्रदेश से प्रियतम के आगमन का सत्य हुआ सपना सलोना

प्रसन्नता के पुष्प खिले ,आज बच्चों के मन में
हाथ पटाखे लिए एकत्रित हुए घर के आँगन में

मुस्कराहट संग होता उपहारों का आदान प्रदान
सबकी भिन्न-भिन्न पोशाक और भिन्न-भिन्न है शान

लक्ष्मी पूजन कर मांगते सुख समृद्धि का वरदान
दिवाली के शुभ पर्व पर रोशन हुआ मेरा हिंदुस्तान

हितेश कुमार शर्मा

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