ग़ज़ल

गम को न बाँटों , सुनो मेरे यारों |
खुशियाँ लुटा दो , सुनो मेरे यारों |
खुशबू से महके , प्यारा यह उपवन ,
पौधा ऐसा लगा दो, सुनो मेरे यारों |
सूरज सा चमके , यह प्यारा चमन ,
दीप ऐसा जला दो ,सुनो मेरे यारों |
नफरत नहीं हो , हो अब अमन ,
गीत ऐसा सुना दो ,सुनो मेरे यारों |
सारे जगत में हो , उत्त्तम- वतन ,
इसको ऐसा बना दो ,सुनो मेरे यारों |
जिंदगी में चमक हो , करो तुम जतन,
आत्मा को जगा दो ,सुनो मेरे यारों |
दूषित विचारों का , अब हो हवन ,
हवा ऐसी चला दो ,सुनो मेरे यारों |
यहाँ फैली बुराई का , अब हो दमन ,
दरिया ऐसा बहा दो ,सुनो मेरे यारों |
जहाँ माँ बाप को , लोग करते नमन ,
शीश अपना झुका दो ,सुनो मेरे यारों |
साथ जायेगा पंकज , दो गज़ कफ़न ,
सारे जग को बता दो ,सुनो मेरे यारों |
आदेश कुमार पंकज

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