* अपना-पराया *

यहाँ कौन है अपना कौन पराया
किस ने इसे है उलझाया
कोई नहीं इसे सुलझाया
यहाँ कौन है अपना कौन पराया ,

गर्भ में पल शिशु धरातल पर आये
शिशु रोए जग मुस्काये
किस ने खोया किस ने पाया
यहाँ कौन है अपना कौन पराया ,

जीव यहाँ अनेको रिश्ते-नाते बनाये
एक ही झटके में सब भूल जाये
स्वार्थ वस सब स्वांग रचाये
यहाँ कौन है अपना कौन पराया ,

इह लोक है यह
यहाँ इह लीला छाया
जगत मंच पर जीव अभिनय दिखाया
यहाँ कौन है अपना कौन पराया ,

यह जगत है माया की छाया
काया पा जीव जीव आत्मा को भूल गया
जहाँ से आये वहीं है जाना
यहाँ कौन है अपना कौन पराया।

2 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 09/11/2015
  2. नरेन्द्र कुमार नरेन्द्र कुमार 09/11/2015

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