||बीती यादें ||

“प्यार भरी वो बाते तेरी
वो आखों में तेरी खोना
बैठ शीतल छाया में फिर
दर्पण अपना तुझको पाना ,

वो मेहँदी वाले हाथ तेरे
ढक पलकों को इनसे वो तेरा शर्माना
उलझी-सुलझी बाते करना
और फिर तेरा मुझको बहकाना ,

वो कसमे खाना ,वो वादे करना
जीवन भर प्यार निभाने का
फिर भर आखों में आंसू की बुँदे
सिसक-सिसक फिर प्यार पे रोना ,

स्तब्ध हुए उन अधरों पे
संशय युक्त प्रश्नों का होना
मेरे प्रत्युत्तर की आस लगाये
आखों में फिर मेरी खोना ,

लगा हृदय से तुझको फिर
केशों को तेरे सहलाना
पोछ आसुओं की बुँदे को
प्यार पे तेरे सहमति देना ,

वो कपोलो का चुम्बन तेरा
शर्म से तेरा मुस्काना
सिमट आगोश में मेरी फिर
संशय मुक्त तेरा हो जाना ,

अगले मिलन की प्रतीक्षा में
दिनों का मुश्किल से गुजरना
हर पल याद तुझे करना
और याद में तेरी दुर्बल होना ,

सुबह की अपनी प्रार्थनाओं में
ईश्वर से तेरी दुवा करना
रखे हर पल खुश वो तुझको
बस इतनी सी मन्नत रखना ||”