दिवाली के वो दिन

याद आते हैं दिवाली के वो दिन

वो दीवाली के स्कूल की छुट्टियाँ
वो छुट्टियों के दिन की मस्तियाँ
वो दीवाली के गृहकार्य का दीवाली से पहले निपटाना
वो दीवाली की सफाई में मम्मी का हाथ बटाना
वो पटाखों के लिए सहोदर से झगड़ना
वो लक्ष्मी पूजा के लिए देर तक जगना
एक और मिठाई के पीस के लिए रोना
पाँव छूने की फीस मिलने पर खुश होना

बहुत कीमती थे दीवाली के वो दिन
याद आते रहेंगे दिवाली के वो दिन

लेखन = गौरव परिहार

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir 06/11/2015
    • गौरव परिहार गौरव परिहार 06/11/2015
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 06/11/2015
    • गौरव परिहार गौरव परिहार 06/11/2015

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