बरसात के मौसम में

बरसात के मौसम में

कोमल-मुलायम
पतले-मोटे
लाल-हरे पत्तों पें
बरसात के मौसम में
चढ़ा-चमकता
चांदी का वर्क
उनकी शोभा
ओर बढ़ा देता है।
गहरी लालिमा
पत्तों में जो है।
उनको सुन्दर
ओर बना देता है।
इनके अन्दर
शर्मषार गुण भरकर
मधुषित-पोषित
सहनषील-लज्जित
छुईमुई-कुमुदित
सुप्त पडे़
इनके हृदय में
प्यार का अंकुर
ओर सुरभि छेड़-छाड़कर
नींद से इन्हें जगा देता है।
हृदय में स्पन्दन
बढ़ने लगता है।
मन उडारी
भरने लगता है।
शांतचित लगते हैं।
लेकिन………………..
हृदय कुलबुल-कुलबुल
करने लगता है।
साथी की यादें ला-लाकर
खुद को जैसे भुला देता ळें

-ः0ः-

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