गरीब बुढिया।

गरीब बुढिया।

फटे हाल कपड़े
हाथ में टुटी छड़ी
वह गरीब बुढिया जब
भीख मांगने चली
तब ललचाई आंखों ने
उसे देख कर
भीख देना तो दूर
उसकी तरफ नजर भर भी
शायद इसलिए नही देखा
क्योंकि वह सुन्दर नही थी
यदि सुन्दर होती तो
उसे देखते भी ओर
भीख में उस पर पैसे लुटाते
धर्म के नाम पर भी
आज लोग जिस्म पर
भीख देते नजर हैं आते।
-ः0ः-

Leave a Reply