मिट्टी का टीला ।

मिट्टी का टीला ।

देखो वह जर्जर-सा
मिट्टी से बना टीला,
उन शहीदों की गाथा
आज भी दोहरा रहा।
जिन्होंने न मिटने वाली
इस मिट्टी की हस्ती को
मिटकर मिटने से बचाया
आज फिर उनको याद करो
जिन्होेनें अपना सर्वस्व त्यागकर
इज्जत को इसके बचायज्ञं
उन शहीदों की गाथा
आज भी दोहरा रहा।
कुछ का नाम लिखा है तो
कुछ गुमनाम शहीद हुए
कुछ बैठें हैं दिलों में तो
कुछ धूली से धूमिल हुए
धुल गया पानी से वो कण
जो कभी खून से था गीला
उन शहीदों की गाथा
आज भी दोहरा रहा।
देखो वह जर्जर-सा
मिट्टी से बना टीला।
उन शहीदों की गाथा
आज भी दोहरा रहा।
-ः0ः-

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