धरती

धरती

नही मैं
बांझ नही हूं
मेरे गर्भ में भी
वो शक्ति है
जिससे मैं
मां बन सकूं।
मगर……….
मेरे अन्दर की
वो शक्ति
तुम्हें पैदा करनाी है।
मेरे अन्दर
उच्च किस्म का
बीज डालना होगा
मेरी रेह, खारेपन को
बाहर निकालना होगा
तब जाकर कहीं मैं
फिर से लहलाऊंगी
मेरी गोद हरी होगी
मैं भी लाल खिलाऊंगी
झूमेगा तब मेरा बदन
मैं भी माता कहलाऊंगी।
-ः0ः-

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